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शनिवार, 25 फ़रवरी 2023
रीतिकाल विशेष हिंदी साहित्य
रविवार, 19 फ़रवरी 2023
माधव राव सप्रे कृत ‘एक टोकरी भर मिट्टी’ /Ek tokri bhar mitti kahani/ madhav rav spre ki ek tokri bhar mitti
माधव राव सप्रे कृत ‘एक टोकरी भर मिट्टी’
कहानी की समीक्षा व सम्पूर्ण अध्ययन
माधव राव सप्रे का जीवन परिचय
Dulaiwali kahani/ Bang mahila ki kahani dulaiwali/ बंग महिला की कहानी ‘दुलाईवाली’
बंग महिला की कहानी ‘दुलाईवाली’ का मुख्य बिंदु और सारांश :
हिन्दी की प्रथम कहानीकार राजेन्द्र बाला घोष (छद्दम नाम- बंग महिला) श्रीमती राजेन्द्र बाला घोष का जन्म 1882 ई० में बनारस में और मृत्यु
शनिवार, 18 फ़रवरी 2023
Baanbhat ki aatamkatha/ Banbhat ki atmktha upnyas/ बाणभट्ट की आत्मकथा उपन्यास
बाणभट्ट की आत्मकथा उपन्यास – हजारीप्रसाद द्विवेदी की समीक्षा और पात्र
गुरुवार, 16 फ़रवरी 2023
मंगलवार, 7 फ़रवरी 2023
सोमवार, 6 फ़रवरी 2023
जो खानदानी रईस हैं वो / गज़ल / शबीना अदीब
ख़ामोश लब हैं झुकी हैं पलकें, दिलों में उल्फ़त नई-नई है,
अभी तक़ल्लुफ़ है गुफ़्तगू में, अभी मोहब्बत नई-नई है।
अभी न आएँगी नींद तुमको,
गेहूं और गुलाब : रामवृक्ष बेनीपुरी
निबंध
गेहूं और गुलाब : रामवृक्ष बेनीपुरी
गेहूँ हम खाते हैं, गुलाब सूँघते हैं। एक से शरीर की पुष्टि होती है, दूसरे से मानस तृप्त होता है।
गेहूँ बड़ा या गुलाब? हम क्या चाहते हैं – पुष्ट शरीर या तृप्त मानस? या पुष्ट शरीर पर तृप्त मानस?
जब मानव पृथ्वी पर आया, भूख लेकर। क्षुधा, क्षुधा, पिपासा, पिपासा। क्या खाए, क्या पिए?
रविवार, 5 फ़रवरी 2023
कैसे करें शुरुवात
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इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर : हरिशंकर परसाई
वैज्ञानिक कहते हैं, चाँद पर जीवन नहीं है। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर मातादीन (डिपार्टमेंट में एम. डी. साब) कहते हैं—वैज्ञानिक झूठ बोलते हैं, व...
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